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Rajasthan Budget 2026

पुराने कर्ज का रीस्ट्रक्चर और ₹1 लाख करोड़ का पूंजीगत खर्च

  • 1. रसरकार ने विकास कार्यों के लिए ₹53,978 करोड़ का लक्ष्य रखा है, जो पिछले साल से 36.9% ज्यादा है। अगर प्रभावी पूंजीगत खर्च की बात करें, तो यह ₹1 लाख करोड़ से भी अधिक होगा.

  • 2. बिजली, सड़क और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं पर ₹51,000 करोड़ से ज्यादा का पूंजीगत खर्च किया जाएगा.

  • 3. राज्य पहली बार ‘स्टेट गवर्नमेंट सिक्योरिटी की स्विचिंग’ प्रक्रिया शुरू कर रहा है. इससे पुराने कर्जों की रीस्ट्रक्चरिंग और डी-कंजेशन (बोझ कम करना) संभव होगा.

  • 4. RBI के ‘गारंटी रिडेम्पशन फंड’ में निवेश से सरकार को इस साल ₹600 करोड़ और अगले साल ₹750 करोड़ की सीधी बचत होगी. सरकार ने इस फंड में ₹2450 करोड़ का निवेश किया है.

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अब बिना ‘फिजिकल इंस्पेक्शन’ शुरू होंगे उद्योग, सर्विस सेक्टर को भी मिलेगा RIPS का लाभ

  • 1. निवेशकों के लिए अब ‘वन एप्लीकेशन, वन डिजिटल ट्रैक’ व्यवस्था होगी. सभी विभागीय स्वीकृतियां एक ही जगह मिलेंगी. कम जोखिम वाले प्रोजेक्ट्स में फिजिकल इंस्पेक्शन (भौतिक निरीक्षण) की जरूरत को खत्म कर दिया गया है.

  • 2. टेक्सटाइल उद्योग: इसे नई ऊर्जा देने के लिए ‘कैपिटल सब्सिडी’ और ‘पेरोल सब्सिडी’ के अतिरिक्त विकल्प मिलेंगे.

  • 3. अब मैन्युफैक्चरिंग के साथ-साथ सर्विस सेक्टर को भी RIPS के तहत लाभ मिलेगा.

  • 4. नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों (Renewable Energy Equipment) का निर्माण करने वाली इकाइयों को भी अब RIPS के दायरे में लाया गया है.

  • 5. कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग को ‘थ्रस्ट सेक्टर’ घोषित किया गया है, जिससे लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को मजबूती मिलेगी.

  • 6. सरकार ने RBI के कंसोलिडेटेड सिंकिंग फंड (CSF) में ₹2,934 करोड़ का निवेश किया है, जो राज्य की वित्तीय स्थिरता का प्रमाण है.

लगेंगे 250 नए EV चार्जिंग स्टेशन, GSI के साथ मिलकर बनेगी हाई-टेक खनिज लाइब्रेरी

  • 1. जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (GSI) के सहयोग से प्रदेश में एक ‘स्टेट ऑफ आर्ट’ खनिज कोर लाइब्रेरी की स्थापना की जाएगी. यह रिसर्च और नए खनन क्षेत्रों की खोज में मील का पत्थर साबित होगी..

  • 2. प्रदूषण कम करने और क्लीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में 60 नए CNG स्टेशन और 250 नए EV (इलेक्ट्रिक व्हीकल) चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे..

  • 3. पुराने बकाया टैक्स के मामलों को सुलझाने के लिए सरकार ने राहत का पिटारा फिर खोल दिया है. VAT (वैट), कृषि विपणन, भूमि कर, परिवहन और खनन विभाग से संबंधित नई एमनेस्टी योजनाएं लाई जाएंगी. इससे व्यापारियों और आमजन को पेनल्टी और ब्याज में भारी छूट मिलेगी.

100 नए प्लॉट की नीलामी, खातेदारी जमीन पर माइनिंग आसान और बजरी का विकल्प ‘M-Sand’ अनिवार्य

  • अब तक 1 हेक्टेयर और 0.18 हेक्टेयर से कम की छोटी खातेदारी जमीनों का उपयोग खनन के लिए नहीं हो पा रहा था. सरकार ने अब ऐसी भूमियों के लिए खनन क्वेरी (Quarry) आवंटन करने की घोषणा की है.

  • खातेदारी जमीन में खान आवंटन के लिए आवेदन के समय लगने वाली प्रीमियम राशि को 40% से घटाकर 30% कर दिया गया है. इससे स्थानीय भू-स्वामियों को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी.

  • पारदर्शिता और रफ्तार बढ़ाने के लिए अगले वित्तीय वर्ष में मेजर मिनरल (मुख्य खनिज) के नए ब्लॉक्स और माइनर मिनरल (लघु खनिज) के 100 प्लॉट्स की नीलामी की जाएगी.

  • नदियों से निकलने वाली बजरी पर निर्भरता कम करने के लिए ‘एम-सैंड’ पॉलिसी को सख्ती से लागू किया जाएगा. सरकारी निर्माण कार्यों में अब M-Sand का उपयोग 25% से बढ़ाकर चरणबद्ध तरीके से 50% करना अनिवार्य होगा.

  • पट्टा जारी होते ही तुरंत खनन शुरू हो सके, ऐसी सुगम व्यवस्था लागू की जा रही है.\

स्टैंप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क में भारी कटौती, पुराने वाहनों पर ‘ग्रीन टैक्स’ की तैयारी

  • वित्त मंत्री दिया कुमारी ने आमजन और निवेशकों को वित्तीय राहत देने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में टैक्स ढांचे में बड़े बदलाव किए हैं:

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  • 1. सभी प्रकार के ऋणों (Loans) पर स्टैंप ड्यूटी की दर को घटाकर अब मात्र 0.125% कर दिया गया है (अधिकतम सीमा ₹10 लाख).

  • 2. ऋण दस्तावेजों पर लगने वाले रजिस्ट्रेशन शुल्क को 1% से घटाकर 0.5% कर दिया गया है (अधिकतम सीमा ₹1 लाख)। इससे घर या बिजनेस के लिए लोन लेना काफी सस्ता हो जाएगा.

  • 3. 16.5 टन से अधिक भारी मालवाहक वाहनों के लिए अब हर साल टैक्स भरने की अनिवार्यता खत्म होगी। सरकार ने ‘वन-टाइम पेमेंट’ (एकमुश्त भुगतान) का विकल्प देने का प्रस्ताव रखा है.

  • 4. प्रदूषण नियंत्रण के उद्देश्य से 6 साल पुराने ट्रांसपोर्ट वाहनों और 15 साल पुराने गैर-परिवहन (Private) वाहनों पर ‘द ग्रीन टैक्स’ की दरों को पुनरीक्षित (Revise) किया जाएगा.

अब घर बैठे होगा जमीन-जायदाद का रजिस्ट्रेशन, सभी 106 ऑफिस बनेंगे ‘मॉडल’

  • देश में ‘Top Achiever’ राजस्थान: बिजनेस रिफॉर्म्स के मामले में राजस्थान को देश भर में ‘टॉप अचीवर’ का दर्जा मिला है.

  • ब रजिस्ट्री के लिए दफ्तरों के धक्के नहीं खाने होंगे। सरकार ई-रजिस्ट्रेशन व्यवस्था लागू करेगी, जिससे पक्षकारों का वेरिफिकेशन, स्लॉट बुकिंग और डिजिटल सर्टिफाइड कॉपी घर बैठे ही उपलब्ध होगी.

  • पहले 50 सब-रजिस्ट्रार ऑफिस को अपग्रेड करने की बात थी, लेकिन अब प्रदेश के सभी 106 पूर्णकालिक उप-पंजीयन कार्यालयों को अत्याधुनिक ‘मॉडल कार्यालय’ के रूप में विकसित किया जाएगा.

  • रजिस्ट्रेशन से जुड़ी अपीलों का अब समयबद्ध निस्तारण होगा। सभी अपीलों को प्राथमिकता के आधार पर अधिकतम 60 दिन में निपटाना अनिवार्य होगा.

  • भूमि और संपत्ति के लेन-देन में भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए ‘इंस्टेंट और एनीव्हेयर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन’ के जरिए प्रक्रिया को सरल बनाया गया है.

अब बिना ‘फिजिकल इंस्पेक्शन’ शुरू होंगे उद्योग, सर्विस सेक्टर को भी मिलेगा RIPS का लाभ

  • सरस अब UP-MP में, 10 करोड़ पौधे और ₹1500 करोड़ का ‘पृथ्वी प्रोजेक्ट’ वित्त मंत्री दिया कुमारी ने डेयरी सेक्टर को मजबूती देने और राजस्थान को हरा-भरा बनाने के लिए घोषणाओं की झड़ी लगा दी है:

  • राजस्थान कोऑपरेटिव डेयरी डेवलपमेंट फंड को ₹1000 करोड़ से बढ़ाकर ₹2000 करोड़ कर दिया गया है.

  • सरस (Saras) अब राजस्थान के बाहर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में भी आउटलेट खोलेगा (बजट ₹100 करोड़).

  • दुग्ध उत्पादकों के लिए अनुदान बढ़ाकर ₹700 करोड़ किया गया है, जिससे 5 लाख पशुपालक लाभान्वित होंगे.

  • साल 2047 तक प्रदेश में 20% ग्रीन कवर का लक्ष्य। अगले साल 10 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे.

  • हर जिला मुख्यालय पर ‘नमो नर्सरी’ और पंचायत स्तर पर ‘नमो वन’ विकसित होंगे.

  • जयपुर-जोधपुर सहित 16 जिलों में ₹32 करोड़ से ऑक्सी जोन (मॉडल उद्यान) बनेंगे

  • ‘पृथ्वी प्रोजेक्ट’ (Prithvi Project): मानव-वन्यजीव संघर्ष (Man-Animal Conflict) को रोकने के लिए ₹1500 करोड़ का बड़ा प्रोजेक्ट.

  • चित्तौड़गढ़ में ₹31 करोड़ की लागत से नया बायोलॉजिकल पार्क बनेगा.

  • वन भूमि के डायवर्जन में लगने वाले समय को कम करने के लिए 1000 हेक्टेयर का ‘गैर-वन भूमि लैंड बैंक’ बनेगा.

  • मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन 2.0: तीसरे चरण में 5000 गांवों में ₹2500 करोड़ से 1.10 लाख वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर बनेंगे.

  • अरावली को बचाने का ‘कवच’: 4000 हेक्टेयर भूमि का होगा कायाकल्प, बनेगी सुरक्षा दीवार

  • राजस्थान की लाइफलाइन कही जाने वाली अरावली पर्वतमाला के संरक्षण के लिए सरकार ने एक बड़े पारिस्थितिक (Ecological) प्रोजेक्ट की घोषणा की है. अरावली पर्वतमाला की लगभग 4,000 हेक्टेयर डिग्रेडेड (क्षतिग्रस्त) भूमि को फिर से हरा-भरा बनाया जाएगा. अवैध खनन और अतिक्रमण रोकने के लिए पक्की दीवारों और सुरक्षा संरचनाओं का निर्माण कराया जाएगा. पर्यावरण को संतुलित करने के लिए विदेशी पेड़ों के बजाय स्थानीय प्रजातियों (Local Species) के पौधों का बड़े पैमाने पर बीजारोपण किया जाएगा. इस कदम से न केवल अरावली का अस्तित्व बचेगा, बल्कि वन्यजीवों के संरक्षण और इको-टूरिज्म को भी मजबूती मिलेगी.

  • अन्य राज्यों से गाड़ी लाना हुआ सस्ता, रजिस्ट्रेशन टैक्स में अब 50% की भारी छूट अब यदि आप किसी अन्य राज्य से गैर-परिवहन वाहन (Private Vehicles जैसे कार या बाइक) खरीदकर राजस्थान में रजिस्ट्रेशन कराते हैं, तो आपको रजिस्ट्रेशन टैक्स में 50% की छूट मिलेगी. पहले यह छूट 25% थी, जिसे अब सरकार ने दोगुना (50%) कर दिया है.

  • किसानों को ₹25,000 करोड़ का ब्याज मुक्त लोन, कृषि विश्वविद्यालयों में भर्ती और ‘मिशन राज

  • राज्य के 35 लाख से ज्यादा किसानों को बड़ी राहत देते हुए ₹25,000 करोड़ के ब्याज मुक्त अल्पकालीन लोन बांटने का लक्ष्य रखा गया है. सरकार इस पर ₹800 करोड़ का ब्याज अनुदान देगी.

  • कृषि शिक्षा को मजबूती देने के लिए विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों को चरणबद्ध तरीके से भरा जाएगा. इस साल 445 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू होगी.

  • किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए ‘मिशन राज गिफ्ट’ की स्थापना की जाएगी. साथ ही मंडियों में इंफ्रास्ट्रक्चर और क्षमता विकास के काम होंगे.

  • ग्रीनहाउस, पॉलीहाउस और शेड नेट जैसी आधुनिक सुविधाओं के लिए 4,000 किसानों को ₹200 करोड़ का अनुदान मिलेगा.

  • किसानों को गर्मी और बारिश से बचाने के लिए मंडियों में शेड निर्माण और अन्य कार्यों पर ₹350 करोड़ खर्च किए जाएंगे.

  • नवगठित जिलों में जिला सहकारी उपभोक्ता भंडार खोले जाएंगे. नॉन-फार्मिंग सेक्टर के लिए ₹590 करोड़ के खर्चे पर 5% ब्याज अनुदान दिया जाएगा, जिससे 25,000 लोग लाभान्वित होंगे. भर्ती अलर्ट सेवा

  • 2.5 लाख किसानों को मिलेंगे फ्री बीज, हर पंचायत में वर्मी कंपोस्ट यूनिट

  • प्रदेश के 2.5 लाख से ज्यादा किसानों को दलहनी (दालें) और तिलहनी फसलों के उन्नत किस्म के बीजों का वितरण किया जाएगा.

  • इस योजना पर सरकार ₹135 करोड़ खर्च करेगी, जिससे उत्पादन में भारी बढ़ोतरी की उम्मीद है.

  • मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने और जैविक खेती को हर गांव तक पहुंचाने के लिए प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में वर्मी कंपोस्ट यूनिट (खाद बनाने की इकाई) स्थापित की जाएगी.

  • बीज से लेकर खाद तक की व्यवस्था कर सरकार ने खेती की लागत कम करने और किसानों की आय बढ़ाने का स्पष्ट रोडमैप पेश किया है.

  • तारबंदी पर ₹228 करोड़ और 36,000 फॉर्म पॉन्ड को मंजूरी

  • वित्त मंत्री दिया कुमारी ने बजट में किसानों की सबसे बड़ी दो समस्याओं—सिंचाई का पानी और आवारा पशुओं से फसल सुरक्षा—का समाधान पेश किया है:-

  • फसलों को आवारा पशुओं से बचाने के लिए 20,000 किलोमीटर की तारबंदी का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए किसानों को ₹228 करोड़ का अनुदान (Subsidy) दिया जाएगा.

  • सामुदायिक तारबंदी (Community Fencing) के लिए पहले कम से कम 10 किसानों का समूह होना अनिवार्य था, जिसे अब घटाकर 7 किसान कर दिया गया है. इससे छोटे समूहों को भी लाभ मिल सकेगा.

  • अगले 2 साल में 15,000 किलोमीटर लंबी सिंचाई पाइपलाइन और 8,000 डिग्गियों के निर्माण का लक्ष्य है.

  • जल संचयन के लिए 36,000 फॉर्म पॉन्ड बनाने हेतु ₹585 करोड़ से ज्यादा का अनुदान दिया जाएगा.

  • इन योजनाओं से प्रदेश के 80,000 से ज्यादा किसान सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे.

  • किसानों को ‘ब्याज माफी’ का बड़ा तोहफा, मशीनों पर ₹160 करोड़ की सब्सिडी और 500 नए कस्टम हायरिंग सेंटर

  • वित्त मंत्री दिया कुमारी ने बजट के समापन अंश में नहरी क्षेत्रों के किसानों और खेती को आधुनिक बनाने के लिए बड़ी राहत दी है:-

  • उपनिवेशन क्षेत्र (Colonization area) के किसानों के लिए ‘एकमुश्त समाधान योजना’ का ऐलान. अगर आवंटी अपनी बकाया राशि 1 अप्रैल 2026 से 10 सितंबर 2026 के बीच जमा करते हैं, तो उन्हें ब्याज में 100% की छूट मिलेगी.
  • खेती में मशीनीकरण को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कृषि यंत्रों पर ₹160 करोड़ का अनुदान दिया जाएगा. इससे प्रदेश के 50,000 किसान सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे.

  • जिन किसानों के पास खुद की मशीनें नहीं हैं, उनकी सुविधा के लिए ₹96 करोड़ की लागत से 500 नए कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे. यहां से किसान वाजिब दरों पर आधुनिक मशीनें किराए पर ले सकेंगे.

  • 3 लाख किसानों को ड्रिप-स्प्रिंकलर, 50 हजार नए सोलर पंप और ₹11,300 करोड़ का बजट राज्य सरकार ने साल 2030 तक राजस्थान में बुवाई का रकबा बढ़ाकर 51% करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है.

  • पानी की बचत और पैदावार बढ़ाने के लिए 3 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई संयंत्र (ड्रिप/स्प्रिंकलर) लगाए जाएंगे. इससे 3 लाख किसान लाभान्वित होंगे और इस पर ₹1,340 करोड़ खर्च होंगे.

  • प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए कुल ₹11,300 करोड़ से ज्यादा के काम कराए जाएंगे.

  • बीसलपुर परियोजना की मुख्य नहर के 5,000 हेक्टेयर कमांड क्षेत्र में ‘फव्वारा पद्धति’ (Sprinkler System) से सिंचाई के लिए ₹100 करोड़ खर्च किए जाएंगे.

  • सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए अगले साल 50,000 नए सोलर पंप प्लांट लगाए जाएंगे। इस पर सरकार ₹1,500 करोड़ खर्च करेगी.

  • शेखावाटी को जल्द मिलेगा यमुना का पानी, बेहतर काम करने वाली पंचायतों को मिलेगा ‘स्टेट अवॉर्ड’

  • शेखावाटी और आसपास के क्षेत्रों के लिए जीवनदायिनी यमुना जल परियोजना पर काम जल्द शुरू होगा. हथिनीकुंड बैराज से पानी लाने के लिए ₹32,000 करोड़ की विशाल परियोजना को रफ्तार दी जाएगी.

  • प्रदेश के 1,50,000 जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों को उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी.

  • बेहतर प्रदर्शन करने वाली और विकास के नए आयाम स्थापित करने वाली पंचायती राज संस्थाओं को अब ‘स्टेट पंचायत अवॉर्ड’ से सम्मानित किया जाएगा.

  • किसानों की आय बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक, कृषि उत्पादन की प्रोसेसिंग और मार्केटिंग को मजबूत करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे. किसानों को अब केवल उत्पादक नहीं, बल्कि ‘प्रोसेसर’ बनाने पर जोर दिया जाएगा.

  • कर्मचारियों के लिए ‘सैलरी अकाउंट पैकेज’: 8वें वेतन आयोग पर कमेटी और 70 की उम्र तक बीमा-लोन की सुविधा वित्त मंत्री दिया कुमारी ने राज्य के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स का दिल जीतते हुए उनके आर्थिक और पेशेवर विकास के लिए बड़ा ऐलान किया है:-

  • सरकारी कर्मचारियों के लिए एक विशेष ‘सैलरी अकाउंट पैकेज’ लाया जाएगा. इसमें एडवांस डिजिटल बैंकिंग, बेहद सस्ती (रियायती) दरों पर लोन और व्यापक बीमा कवर जैसी सुविधाएं मिलेंगी.

  • इस पैकेज का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह सुविधाएं केवल सर्विस वाले कर्मचारियों को ही नहीं, बल्कि 70 वर्ष की आयु तक के पेंशनर्स को भी उपलब्ध कराई जाएंगी.

  • सरकार ने भविष्य में आठवें वेतन आयोग की रिपोर्ट को राजस्थान में लागू करने के लिए एक ‘उच्च स्तरीय समिति’ के गठन की घोषणा की है. यह समिति वेतन विसंगतियों और प्रमोशन के मुद्दों का भी समाधान करेगी.

  • प्रदेश के अधिकारियों को अब अपनी कार्यक्षमता सुधारने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग दी जाएगी.

  • डिजिटल अरेस्ट से बचाएगा R4C सेंटर, होमगार्ड्स की बढ़ी संख्या और 4 शहरों में नई जेलें

  • ‘डिजिटल अरेस्ट’ और बढ़ते साइबर फ्रॉड से आम जनता को बचाने के लिए R4C की स्थापना की जाएगी. यह सेंटर साइबर अपराधियों पर नकेल कसने और नागरिकों को सुरक्षा देने का काम करेगा.

  • ACB (Anti-Corruption Bureau) के रिवॉल्विंग फंड की राशि को ₹4 करोड़ से बढ़ाकर ₹7 करोड़ कर दिया गया है, ताकि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई में तेजी आए.

  • प्रदेश में 5,000 नए शहरी होमगार्ड वॉलंटियर्स की भर्ती/नौकरी में बढ़ोतरी प्रस्तावित की गई है.

  • जयपुर, जोधपुर, अलवर और उदयपुर में अत्याधुनिक नई सेंट्रल जेलों का निर्माण किया जाएगा.

  • जेलों के निर्माण और बंदियों के जीवन स्तर में सुधार (Reform) के लिए सरकार ₹1,200 करोड़ खर्च करेगी.

  • जेल में बंद बंधिया का जीवन स्तर सुधारने के लिए भी काम कराए जाएंगे.

  • राज्य और जिला उपभोक्ता आयोग में वीडियो कांफ्रेंस की सुविधा मिलेगी जिससे पारिवारिक घर से ही वीडियो कांफ्रेंस के जरिए जुड़ सकेंगे.

  • शेखावाटी की हवेलियों को यूनेस्को का दर्जा दिलाने की तैयारी, पशुपतिनाथ की हवाई यात्रा भी होगी फ्री

  • झुंझुनू, चूरू और सीकर की 60 से ज्यादा हवेलियों का ‘फसाड इंप्रूवमेंट’ (बाहरी सुंदरीकरण) किया जाएगा. हवेलियों को पर्यटन यूनिट में बदलने वाले मालिकों को वित्तीय सहायता मिलेगी. अगले 2 साल में इस पर ₹200 करोड़ खर्च होंगे. शेखावाटी की हवेलियों को यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल कराना सरकार का लक्ष्य है.

  • जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर, बाड़मेर और जालौर को जोड़कर एक नया ‘थार सांस्कृतिक सर्किट’ बनाया जाएगा.

  • अगले साल 60,000 बुजुर्गों को मुफ्त तीर्थ यात्रा कराई जाएगी. 10,000 बुजुर्गों को हवाई यात्रा के जरिए पशुपतिनाथ (नेपाल) के दर्शन कराए जाएंगे. 50,000 बुजुर्गों को एसी ट्रेन से देश के विभिन्न तीर्थ स्थलों की यात्रा कराई जाएगी.

  • वीरों की भूमि झुंझुनू में वॉर म्यूजियम बनाया जाएगा.

  • खाटू श्याम जी और पुष्कर में बनेंगी ‘मॉडल रोड’, भरतपुर को मिला कन्वेंशन सेंटर भजन लाल सरकार ने आस्था के प्रमुख केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने के लिए बड़ा कदम उठाया है:-

  • राजस्थान के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक नगरों— पुष्कर, खाटू श्याम जी, देशनोक, पोकरण, डिग्गी और मंडावर के मुख्य प्रवेश मार्गों को ‘मॉडल रोड’ के रूप में विकसित किया जाएगा. इसके लिए ₹30 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है. इन सड़कों पर लाइटिंग, फुटपाथ और सौंदर्यीकरण के विशेष काम होंगे.

  • भरतपुर में पर्यटन और बड़े आयोजनों को बढ़ावा देने के लिए ₹100 करोड़ की लागत से एक भव्य ‘बृज कन्वेंशन सेंटर’ का निर्माण किया जाएगा.

  • इन घोषणाओं से हर साल आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को जाम और टूटी सड़कों से निजात मिलेगी और शहरों का लुक पूरी तरह बदल जाएगा.

  • राजस्थान को दुनिया का सबसे बड़ा सांस्कृतिक और इको-टूरिज्म केंद्र बनाने के लिए वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बड़ा रोडमैप पेश किया है:-

  • प्रदेश में पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए ‘राजस्थान टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर और कैपेसिटी बिल्डिंग अथॉरिटी’ बनाई जाएगी. इसके तहत ₹5,000 करोड़ से अधिक के काम होंगे.

  • जैसलमेर के कुड़ी (Khuri) में एक ‘अल्ट्रा लग्जरी स्पेशल टूरिज्म जोन’ विकसित किया जाएगा, जो वैश्विक पर्यटकों को आकर्षित करेगा.

  • रहस्यमयी गांव कुलधरा (जैसलमेर) में पर्यटकों की सुविधा के लिए आधुनिक ‘पर्यटक सुविधा केंद्र’ विकसित किया जाएगा.

  • राजस्थान को साल 2047 तक वैश्विक ग्रामीण और इको-टूरिज्म के सबसे बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है.

  • प्रदेश की विरासत और लोक कलाओं को पर्यटन के जरिए नई पहचान दिलाने के लिए विशेष गलियारे विकसित किए जाएंगे.

  • सहरिया-कथौड़ी परिवारों को हर महीने ₹1200 सीधे खाते में

  • जनजाति परिवारों को घी और तेल वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए अब राशन के बजाय महिला मुखिया के खाते में ₹1200 प्रति माह (DBT) जमा किए जाएंगे. इससे 38,000 परिवार लाभान्वित होंगे. श्रमिकों के लिए क्रांतिकारी ‘श्रम सेतु मोबाइल ऐप’ लॉन्च होगा. इसके जरिए डिजिटल लेबर चौक की सुविधा मिलेगी. श्रमिक अपना रजिस्ट्रेशन, पहचान पत्र और रोजगार की मांग-आपूर्ति घर बैठे कर सकेंगे. कल्याणकारी योजनाओं का भुगतान भी ऑनलाइन होगा.

  • पालनहार योजना के लाभार्थी बच्चों को अब स्कूल के बाद उच्च शिक्षा और उनकी रुचि के अनुसार प्रोफेशनल ट्रेनिंग के विकल्प मुहैया कराए जाएंगे.

  • वन संपदा को बढ़ावा देने और स्थानीय रोजगार के लिए बांसवाड़ा और उदयपुर जिला मुख्यालयों पर ‘माइनर फॉरेस्ट प्रोसेसिंग सेंटर’ स्थापित किए जाएंगे.

  • 7,500 आंगनबाड़ी बनेंगे ‘नंद घर’, 18 हजार केंद्रों को मिलेगा बिजली कनेक्शन

  • प्रदेश की 7,500 आंगनबाड़ियों को आधुनिक ‘नंद घर’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए ₹225 करोड़ का प्रावधान किया गया है.

  • 17,895 आंगनबाड़ी केंद्रों को पहली बार बिजली कनेक्शन से जोड़ा जाएगा.

  • 11,924 केंद्रों की मरम्मत के लिए ₹246 करोड़ के काम प्रगति पर हैं.

  • बच्चों और किशोरियों के लिए IIT दिल्ली के सहयोग से 24 घंटे चलने वाली AI आधारित लाइव मेंटरिंग सेवा शुरू होगी.

  • करौली, धौलपुर, बारां, जैसलमेर और सिरोही के साथ अब प्रदेश के सभी 27 एस्पिरेशनल ब्लॉक्स में किशोरी बालिकाओं को पूरक पोषाहार मिलेगा. इससे 50,000 से ज्यादा बालिकाएं लाभान्वित होंगी.

  • भरतपुर और कोटा में ‘महिला अधिकारिता एवं बाल संकुल परिसर’ बनाए जाएंगे, जहां एक ही छत के नीचे विभाग से जुड़ी सभी सेवाएं मिलेंगी.

  • जामडोली स्थित बाल गृह की क्षमता 125 से बढ़ाकर 250 की जाएगी.

    लखपति दीदियों को अब ₹1.5 लाख का लोन, ग्रामीण महिलाओं के लिए खुलेंगे ‘वूमेन BPO’

    वित्त मंत्री दिया कुमारी ने महिला सशक्तिकरण और ‘लखपति दीदी’ अभियान को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए बड़ी घोषणाएं की हैं:-

  • लखपति दीदी श्रेणी की महिलाओं को आर्थिक मजबूती देने के लिए ब्याज अनुदान पर मिलने वाले ऋण (Loan) की सीमा ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹1.5 लाख करने का ऐलान किया गया है.

  • ग्रामीण क्षेत्र की शिक्षित महिलाओं को उनके घर के पास ही रोजगार देने के लिए जिला स्तर पर ‘रूरल वूमेन BPO’ (Rural Women BPO) स्थापित किए जाएंगे.

  • इन BPO सेंटर्स की स्थापना और संचालन पर राज्य सरकार ₹100 करोड़ खर्च करेगी.

  • अब तक 16 लाख से ज्यादा महिलाओं को लखपति दीदी की श्रेणी में लाया जा चुका है, अब इस दायरे को और व्यापक बनाया जाएगा.

  • सरकार का लक्ष्य ग्रामीण महिलाओं को न केवल आत्मनिर्भर बनाना है, बल्कि उन्हें डिजिटल और आईटी सेक्टर से जोड़कर मुख्यधारा में लाना है.

  • मरीजों के परिजनों को बड़ी राहत: 6 शहरों में बनेंगे हाई-टेक विश्रामगृह और ‘अटल आरोग्य फूड कोर्ट’ वित्त मंत्री दिया कुमारी ने अस्पतालों में इलाज के साथ-साथ मरीजों के परिजनों की सुविधाओं और सम्मानजनक अंतिम विदाई के लिए बड़ी घोषणाएं की हैं:-

  • जयपुर, अजमेर, बीकानेर, उदयपुर, कोटा और जोधपुर के मेडिकल कॉलेजों से जुड़े अस्पतालों में अत्यधुनिक विश्रामगृह (Shelter Homes) बनाए जाएंगे. इससे दूर-दराज से आने वाले परिजनों को ठहरने के लिए दर-दर नहीं भटकना पड़ेगा.

  • अस्पताल परिसर में ही मरीजों, स्टाफ और विद्यार्थियों को सस्ती दर पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए ‘अटल आरोग्य फूड कोर्ट’ स्थापित किए जाएंगे. इसके लिए ₹100 करोड़ का बजट आवंटित.

  • सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले मृतकों के पार्थिव शरीर को अस्पताल की मोर्चरी से उनके घर तक सम्मानपूर्वक पहुँचाने के लिए सरकार निशुल्क ‘मोक्ष वाहिनी’ सेवा शुरू करेगी

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  • प्रदेश के आयुर्वेद अस्पतालों में आधारभूत ढांचे (Infrastructure) को मजबूत करने के लिए विशेष कार्य करवाए जाएंगे.

  • RUHS में बनेगा नियोनेटल ICU और ₹500 करोड़ के नए उपकरण

  • वित्त मंत्री दीया कुमारी ने मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों को आधुनिक बनाने के लिए बड़े बजट का प्रावधान किया है:-

  • बच्चों की दिमागी बीमारियों के इलाज के लिए विशेष पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजी विभाग बनाया जाएगा.
  • जयपुर के RUHS अस्पताल में 200 बेड का पीडियाट्रिक IPD और आधुनिक नियोनेटल ICU विकसित किया जाएगा.

  • ₹300 करोड़ की लागत से ‘राजमा’ (RAJ-MA) के तहत विभिन्न मेडिकल इक्विपमेंट उपलब्ध कराए जाएंगे.

  • ₹200 करोड़ की लागत से अस्पतालों में बिल्कुल नए मेडिकल उपकरण स्थापित होंगे.

  • हाल ही में अस्पतालों में आग लगने की घटनाओं को देखते हुए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. प्रदेश के सभी अस्पतालों में फायर डिटेक्शन सिस्टम लगाए जाएंगे.

  • पहले चरण में फायर सेफ्टी इक्विपमेंट के लिए ₹300 करोड़ खर्च किए जाएंगे.

  • दस्तावेज नहीं तो भी मिलेगा इलाज,

  • बच्चों के प्रमुख अस्पताल JK लोन में ₹75 करोड़ की लागत से 500 बेड क्षमता वाला नया IPD टावर बनाया जाएगा. इससे गंभीर बीमार बच्चों को बेहतर इलाज और ज्यादा जगह मिल सकेगी.

  • जिन पात्र परिवारों के पास दस्तावेजों की कमी है, उन्हें भी मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना और निरोगी राजस्थान योजना के तहत निशुल्क इलाज सुनिश्चित किया जाएगा.

  • योजना से वंचित पात्र परिवारों को जोड़ने के लिए हर पंचायत स्तर पर विशेष ‘आरोग्य शिविरों’ का आयोजन होगा.

  • सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी व्यक्ति आर्थिक तंगी या कागजों की कमी के कारण इलाज से वंचित न रहे.

  • जिला अस्पतालों में मिलेंगे काउंसलर

  • अब जिला अस्पतालों में केवल मनोरोग चिकित्सक (Psychiatrist) ही नहीं, बल्कि साइकोलॉजिकल काउंसलर भी नियुक्त किए जाएंगे.

  • सभी हायर सेकेंडरी स्कूलों में हर महीने स्ट्रेस कम मेंटल हेल्थ काउंसलिंग सेशन आयोजित करना अनिवार्य होगा. यह प्रशिक्षित काउंसलर्स के माध्यम से किया जाएगा.

  • सरकार का मुख्य फोकस इस बात पर है कि रोगों की पहचान शुरुआत में ही हो सके, ताकि आत्महत्या जैसे आत्मघाती कदमों को रोका जा सके.

  • राज ममता’ योजना का ऐलान, SMS में बनेगा मेंटल हेल्थ एक्सीलेंस सेंटर

  • बजट भाषण के दौरान दिया कुमारी ने मानसिक स्वास्थ्य का मुद्दा उठाते हुए विपक्ष की ओर इशारा कर चुटकी ली और कहा- ‘यह सबको सुनना चाहिए.’

  • अवसाद (Depression), चिंता (Anxiety) और आत्महत्या जैसी गंभीर समस्याओं की रोकथाम के लिए ‘राज मेंटल अवेयरनेस मेंटरिंग एंड ट्रीटमेंट फॉर ऑल’ कार्यक्रम शुरू होगा.

  • जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन मेंटल हेल्थ’ की स्थापना की जाएगी। यहाँ टेलीमेडिसिन और आधुनिक उपचार की सुविधा मिलेगी.

  • राज्य की नई ट्रॉमा और इमरजेंसी पॉलिसी के तहत सेवाओं के सुधारीकरण के लिए ₹150 करोड़ का भारी निवेश होगा.

  • बदलती जीवनशैली और कॉम्पिटिशन के दौर में युवाओं और आमजन को मानसिक संबल देने के लिए मेंटरिंग और काउंसलिंग पर विशेष जोर.

  • हाईवे पर तैनात होंगी एम्बुलेंस, ड्राइविंग लाइसेंस के लिए CPR ट्रेनिंग अब अनिवार्य

  • सरकार ने सड़क हादसों में होने वाली मौतों को रोकने के लिए ‘गोल्डन ऑवर’ (हादसे के तुरंत बाद का समय) मैनेजमेंट पर बड़ा फैसला लिया है:-

  • अब राजस्थान में ड्राइविंग लाइसेंस (DL) बनवाने के लिए CPR (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) का प्रशिक्षण लेना अनिवार्य होगा. इससे आम नागरिक भी आपात स्थिति में जान बचा सकेंगे.

  • प्रदेश के बेड़े में 250 आधुनिक एम्बुलेंस चरणबद्ध तरीके से शामिल की जाएंगी.

  • हाईवे पर बने ‘रेस्ट एरिया’ में एम्बुलेंस तैनात की जाएंगी ताकि एक्सीडेंट होने पर रिस्पांस टाइम कम से कम हो.

  • राज्य की नई ट्रॉमा और इमरजेंसी पॉलिसी लाई जाएगी। इसके तहत ट्रॉमा सेवाओं को सुधारने के लिए ₹150 करोड़ का निवेश होगा.

  • संभाग स्तर पर सभी डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को ‘कार्डियक लाइव सपोर्ट सर्टिफिकेशन’ की ट्रेनिंग दी जाएगी.

  • राज सुरक्षा’ योजना का ऐलान, अब CHC पर भी होगा हार्ट अटैक का इलाज

  • वित्त मंत्री दीया कुमारी ने ‘स्वस्थ राजस्थान-समृद्ध राजस्थान 2047’ के विजन के साथ चिकित्सा क्षेत्र के लिए क्रांतिकारी घोषणाएं की हैं:-

  • सड़क दुर्घटनाओं और इमरजेंसी में जान बचाने के लिए RAJ-SURAKSHA (Rajasthan System for Urgent Response, Accident Stabilization and Hospital Access) योजना शुरू होगी.

  • एक्सीडेंट के समय नजदीकी अस्पताल और एम्बुलेंस की सटीक जानकारी देने के लिए एक 24 घंटे सक्रिय रहने वाला कमांड सेंटर बनेगा.

  • अब गांवों में भी जीवन बचेगा! सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) पर ही हार्ट अटैक की पहचान और प्राथमिक उपचार के लिए ‘टैली एक्स थ्रांबोसिस’ (Tele-Thrombolysis) की सुविधा मिलेगी

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  • सरकार का लक्ष्य राजस्थान में औसत आयु (Life Expectancy) को 77 वर्ष से अधिक करना और मातृ-शिशु मृत्यु दर (MMR/IMR) में भारी कमी लाना है.

  • साल 2047 तक प्रदेश के हर नागरिक को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाओं के दायरे में लाने का संकल्प.

  • कारगिल शहीदों के बच्चों की स्कॉलरशिप बढ़ी, राजस्थान में खुलेंगे ‘इन्नोवेटिव स्कूल’ वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बजट में सैनिक परिवारों, अल्पसंख्यक छात्रों और खेल प्रतिभाओं के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं:-

  • 1 अप्रैल 1999 (पोस्ट कारगिल) के बाद शहीद हुए या स्थाई निःशक्त हुए सैनिकों के बच्चों (कक्षा 1 से 12वीं) की वार्षिक छात्रवृत्ति बढ़ाकर ₹2,500 करने का प्रस्ताव.

  • जोधपुर, टोंक, शेरगढ़, फलोदी, खैरथल, ब्यावर, झुंझुनू और श्रीगंगानगर में एकीकृत सैनिक परिसर बनेंगे। प्रथम चरण में जोधपुर, टोंक, शेरगढ़ और झुंझुनू में ₹36 करोड़ की लागत से निर्माण होगा.

  • प्रदेश के 400 स्कूलों को ‘राइज’ (Rajasthan Innovative School of Excellence) के रूप में विकसित किया जाएगा. ₹1,000 करोड़ की लागत से यहां स्मार्ट क्लास, करियर काउंसलर और आधुनिक लैब जैसी सुविधाएं मिलेंगी.

  • खेलो राजस्थान यूथ गेम्स का आयोजन ब्लॉक से पंचायत स्तर तक होगा (₹50 करोड़ का बजट).

  • राज्य स्तरीय स्कूली खेल प्रतियोगिताओं के लिए प्रति खेल मिलने वाली राशि ₹50,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख की गई.

  • अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों द्वारा तकनीकी शिक्षा लोन समय पर चुकाने पर ब्याज दर में 2% की अतिरिक्त छूट दी जाएगी.

  • भजनलाल सरकार के तीसरे पूर्णकालिक बजट की बड़ी बातें
  • जलदाय विभाग में 3 हजार संविदा तकनीकी कर्मचारियों की भर्ती की घोषणा.

  • राजस्थान की नई जल नीति लाई जाएगी.

  • सीएम जल जीवन मिशन के तहत 6500 गांवों को हर घर नल से जोड़ा जाएगा, इस पर 4500 करोड़ रुपये खर्च होंगे.

  • शहरों में पेयजल सुविधाओं के लिए 2300 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.

  • अगले साल 3 लाख नए पेयजल कनेक्शन दिए जाएंगे.

  • देशनोक में 24 घंटे पानी उपलब्ध कराने के लिए 750 करोड़ रुपये खर्च होंगे.

  • 1092 गांवों तक बिसलपुर योजना का पानी पहुंचाने के लिए 650 करोड़ रुपये खर्च होंगे.

  • गर्मी में पर्याप्त पेयजल के लिए 600 ट्यूबवेल लगाए जाएंगे.

  • समर कंटिजेंसी के लिए हर कलेक्टर को 1 करोड़ रुपये दिए जाएंगे.

  • जयपुर में 10 करोड़ की लागत से पानी पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस खोला जाएगा.

  • मोबाइल वाटर टेस्टिंग लैब शुरू की जाएगी.

  • इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में 1800 करोड़ रुपये की लागत से नई सड़कें और ब्रिज बनाए जाएंगे.

  • अगले साल 15 नए रेलवे ओवर ब्रिज और अंडर ब्रिज बनाए जाएंगे.

  • नॉन पैचेबल सड़कों के लिए 1400 करोड़ रुपये और मिसिंग लिंक सड़कों के लिए 600 करोड़ रुपये खर्च होंगे.

  • 250 अटल प्रगति पथ के 500 करोड़ रुपये के काम अगले साल शुरू होंगे.

  • बारिश से टूटी सड़कों की मरम्मत के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान.

  • एक्सीडेंट रोकने के लिए 100 करोड़ रुपये की लागत से प्रदेश भर में 2 हजार कैमरे लगाए जाएंगे.

  • सभी संभागीय सड़कों पर फ्लाईओवर, अंडरपास और पार्किंग संबंधी कार्य, जयपुर सहित 2300 करोड़ रुपये से अधिक खर्च.

  • ऊर्जा क्षेत्र में दो नए सोलर पार्क, बीकानेर और जैसलमेर में 2950 करोड़ रुपये खर्च.

  • 220 केवी के 6, 132 केवी के 13 और 33 केवी के 110 नए जीएसएस बनाए जाएंगे.

  • बिजली सिस्टम की रीयल टाइम मॉनिटरिंग के लिए अजमेर डिस्कॉम सेंटर को एआई से जोड़ा जाएगा.

  • 3427 करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च इंफ्रास्ट्रक्चर पर, अब तक का सर्वाधिक.

  • 16,430 किलोमीटर नई सड़कों को जोड़कर कुल 42 हजार किलोमीटर सड़कों का विकास.

  • राज्य की अर्थव्यवस्था में 41.39 प्रतिशत वृद्धि, 2026–27 में 21 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का भर्ती अलर्ट सेवा

  • स्पेस गैलरी से सैनिक परिसर तक

  • अंतरिक्ष विज्ञान में रुचि बढ़ाने के लिए जोधपुर के ‘स्टेट रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर’ में स्पेस गैलरी बनाई जाएगी. साथ ही, जयपुर साइंस पार्क में भी स्पेस और चिल्ड्रन गैलरी का निर्माण होगा.

  • वीर जवानों और उनके परिवारों के लिए जोधपुर, टोंक, शेरगढ़, फलोदी, खैरथल, ब्यावर, झुंझुनू और श्रीगंगानगर में ‘इंटीग्रेटेड सैनिक परिसर’ स्थापित होंगे, जहाँ सभी सुविधाएँ एक ही छत के नीचे मिलेंगी.

  • पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और उनके आश्रितों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मेजर शैतान सिंह कौशल विकास एवं प्रशिक्षण केंद्र की सौगात दी गई है.

  • संस्कृत शिक्षा प्रशिक्षण और शिक्षा शास्त्री कोर्स में 500 सीटों की बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया गया है.

  • विद्यार्थियों में विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) विषयों के प्रति रुचि जगाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे.

  • शिक्षा में ‘राज पहल’ का आगाज: ‘स्कूल ऑन व्हील्स’ से AI लैब तक, संस्कृत शिक्षा भी होगी हाई-टेक

  • वित्त मंत्री दीया कुमारी ने शिक्षा के क्षेत्र में आधुनिकता और परंपरा के संगम वाली कई बड़ी घोषणाएं की हैं:-

  • शिक्षा को सुलभ बनाने के लिए ‘पोर्टेबल एक्सेस फॉर हॉलिस्टिक और एसिस्टेड लर्निंग’ कार्यक्रम शुरू होगा.

  • प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक स्कूल ऑन व्हील्स (चलता-फिरता स्कूल) स्थापित किया जाएगा, जो दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंचेगा.

  • पलायन करने वाले परिवारों के बच्चों के लिए अस्थाई शिक्षण शिविर और संभागीय मुख्यालयों पर 6 महीने के स्कूल रेजोनेंस कैंप आयोजित होंगे.

  • सरकारी स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित पर्सनलाइज्ड लैब खुलेंगी। कक्षा 6 से 8वीं तक के बच्चों के लिए गणित और भाषा के लर्निंग गैप को स्मार्ट सिस्टम से सुधारा जाएगा.

  • राजस्थान संस्कृत अकादमी को अब संस्कृत शिक्षा विभाग के अधीन लाया जाएगा। खास बात यह है कि अब वेद विद्यालयों में ज्योतिष की शिक्षा भी अनिवार्य रूप से दी जाएगी.

  • आंगनबाड़ी और बच्चों के लिए बड़ी सौगात

  • प्रदेश के 22,746 आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के समग्र विकास के लिए ‘जादुई पिटारा’ (खेल सामग्री और किट) उपलब्ध कराया जाएगा. इस योजना पर राज्य सरकार ₹323 करोड़ खर्च करेगी. बच्चों को खेल-खेल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ना और आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक बनाना.

  • सदन में भारी हंगामा: दिया कुमारी ने गहलोत के ‘जादू’ पर ली चुटकी बजट भाषण के दौरान उस समय माहौल गरमा गया जब स्कूल शिक्षा विभाग की घोषणाएं शुरू हुईं. स्कूल भवनों की मरम्मत और नई घोषणाओं पर कांग्रेस विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया. शोर-शराबा बढ़ता देख विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने विपक्ष को फटकार लगाई. उन्होंने दो टूक कहा- ‘जब आपका मौका आए तब बोलिएगा, अभी बैठ जाइए.’

  • इस दौरान पूर्व सीएम अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए दिया कुमारी ने कहा- ‘हमारे पास वह जादू तो नहीं है जो बिना बजट कुछ भी कह दें. आपके नेता कहते थे कि आप मांगते-मांगते थक जाओगे, मैं देते-देते नहीं थकूंगा.

  • वित्त मंत्री ने कटाक्ष करते हुए कहा कि हमारा ‘जादुई पिटारा’ बच्चों के भविष्य के लिए है, न कि राजनीति के लिए.

  • 10वीं-12वीं के मेधावी स्टूडेंट्स को ₹20,000 का ई-वाउचर और युवाओं के लिए 10 लाख का बिजनेस लोन वित्त मंत्री दीया कुमारी ने राजस्थान के युवाओं और छात्रों के लिए घोषणाओं की झड़ी लगा दी है:-

  • युवाओं को खुद का काम शुरू करने के लिए 10 लाख रुपये तक का लोन मिलेगा. इस योजना के लिए ₹1,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे 30,000 युवाओं को सीधा लाभ मिलेगा.

  • कक्षा 10वीं और 12वीं के मेधावी छात्रों को टैबलेट/लैपटॉप के लिए ₹20,000 का ई-वाउचर दिया जाएगा, ताकि वे अपनी पसंद का डिवाइस खरीद सकें.

  • अगले सत्र (2026-27) से 500 नए स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा (Vocational Education) शुरू होगी.

  • प्रत्येक जिले में एक स्कूल को उच्च माध्यमिक विद्यालय में क्रमोन्नत किया जाएगा.

  • टॉयलेट सुविधा से वंचित सभी स्कूलों में नए टॉयलेट बनाए जाएंगे.

  • प्रदेश में 14 नए मानव संसाधन संस्थान खुलेंगे.

  • हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए युवाओं को अंग्रेजी, जापानी, फ्रेंच, जर्मन और कोरियन भाषाओं की ट्रेनिंग दी जाएगी.

  • आउटकम स्किल बेस्ड बोर्ड का गठन होगा, जो युवाओं को ‘एम्प्लॉयबल’ (रोजगार योग्य) बनाएगा.

  • अजमेर, भरतपुर और कोटा में Data Lab और AI Lab जैसे नेक्स्ट जेनरेशन टेक्नो हब स्थापित होंगे. इस पर ₹20 करोड़ खर्च होंगे.

  • 150 और कॉलेजों में रानी लक्ष्मीबाई केंद्र स्थापित होंगे, जिससे कुल 50,000 छात्राओं को आत्मरक्षा की ट्रेनिंग मिलेगी.

  • युवाओं की मेंटरिंग के लिए ‘डिजिटल रेजिडेंस एंड एंपावरमेंट मेंटरिंग’ (DREAM) प्रोग्राम चलाया जाएगा.

  • राजस्थान बजट 2026 में दिया कुमारी ने किया बड़ा ऐलान NTA की तर्ज पर प्रदेश में राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी की स्थापना की जाने की घोषणा.

  • ऑनलाइन टेस्टिंग सुविधायुक्त टेस्ट सेंटर का निर्माण किया जाएगा.

  • युवाओं के लिए राजस्थान के बजट में बड़ा ऐलान 1 लाख युवाओं को 10 लाख तक के कर्ज पर शत प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जाएगा.

    प्रवासियों के लिए नया विभाग और उद्यमियों को ‘मार्जिन मनी’ की सौगात

  • देश-विदेश में बसे राजस्थानियों को जोड़ने के लिए ‘डोमेस्टिक एंड ओवरसीज राजस्थानी अफेयर्स विभाग’ का गठन.

  • प्रवासियों से संवाद के लिए वर्तमान में राजस्थान फाउंडेशन के 26 चैप्टर्स सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं.

  • नई इकाइयों की स्थापना और विस्तार के लिए ऋण लेने वाले सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों (MSME) को ₹15 करोड़ की मार्जिन मनी उपलब्ध कराई जाएगी.

  • कुचामन के पर्वतसर में औद्योगिक विकास के लिए भूमि आवंटित.

  • निजी क्षेत्र के सहयोग से मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब और इनलाइन कंटेनर डिपो की स्थापना होगी.

  • उद्यमियों को पूंजी की कमी न हो, इसके लिए मार्जिन मनी का विशेष प्रावधान गेम-चेंजर साबित होगा.

  • संभाग मुख्यालयों पर ‘प्लग एंड प्ले’ सुविधा और नए औद्योगिक पार्क

  • छोटे और सूक्ष्म उद्यमियों (MSME) को राहत देने के लिए प्रदेश के सभी संभाग मुख्यालयों पर ‘प्लग एंड प्ले’ सुविधा शुरू होगी. इसके लिए आगामी वर्ष ₹350 करोड़ का बजट प्रस्तावित.

  • औद्योगिक विकास के लिए जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु सरकार ‘लैंड एग्रीगेशन’ के लिए आवश्यक कानूनी (विधिक) प्रावधान लाएगी.

  • दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत जोधपुर-पाली-मारवाड़ क्षेत्र को औद्योगिक हब के रूप में विकसित किया जाएगा.

  • प्रथम चरण में सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए अगले 2 वर्षों में ₹600 करोड़ खर्च किए जाएंगे.

  • प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर नए औद्योगिक पार्क स्थापित किए जाएंगे, जिनका विवरण सदन के पटल पर रखा गया है.

  • छोटे उद्योगों के लिए स्थापना प्रक्रिया को आसान बनाने और उन्हें आधारभूत ढांचा उपलब्ध कराने पर सरकार का विशेष फोकस.

  • उद्योगों के लिए ‘डायरेक्ट अलॉटमेंट’ पॉलिसी अब दिसंबर 2026 तक

  • उद्योगों के लिए जमीन आवंटन की ‘डायरेक्ट अलॉटमेंट पॉलिसी’ की सफलता को देखते हुए इसे दिसंबर 2026 तक बढ़ाने की घोषणा. पिछले 1 साल में हर दिन औसतन 8 उद्योगों को जमीन दी गई.

  • नगर निकायों में रोड लाइट का लक्ष्य बढ़ाते हुए ₹500 करोड़ की लागत से 7 लाख रोड लाइट लगाने का प्रावधान.

  • जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए सभी नगर निकायों का अपना ‘मास्टर ड्रेनेज प्लान’ होगा.

  • बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए ₹75 करोड़ और आपदा प्रबंधन संसाधनों की खरीद के लिए ₹7 करोड़ का प्रावधान.

  • सेवाओं के विकास और उनकी क्वालिटी बढ़ाने के लिए ₹93 करोड़ की अनुदान राशि.

  • बजट में कृषि विकास के लिए विशेष प्रावधान किए जाने की घोषणा.

  • 28 लाख परिवारों को घर, जयपुर समेत अन्य शहरों के लिए बड़ा बजट

  • आवास योजना के तहत 28 लाख परिवारों के लिए आवास निर्माण का कार्य स्वीकृत; लाभार्थियों को किस्तों का भुगतान समय पर किया जाएगा.

  • राज्य के नगर निकायों में 4 लाख नई स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी, जिस पर ₹500 करोड़ से अधिक खर्च होंगे.

  • राजधानी जयपुर में जलभराव और बाढ़ से मुक्ति के लिए नालों के सुदृढ़ीकरण पर ₹500 करोड़ का प्रावधान.

  • जयपुर के अलावा अन्य शहरों में बेहतर जल निकासी (Drainage System) विकसित करने के लिए ₹200 करोड़ आवंटित.

  • जलभराव जैसी समस्याओं के स्थायी समाधान और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर सरकार का विशेष फोकस.

  • शहरों का कायाकल्प, ₹3000 करोड़ से संवरेगा राजस्थान ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाया जाएगा.

  • सभी संभागीय मुख्यालयों पर ‘कंप्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान’ लागू होगा. चिन्हित सड़कों और चौराहों पर IPMS और ट्रैफिक सॉल्यूशंस के जरिए ट्रैफिक को सिग्नल फ्री किया जाएगा.

  • प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण, पुनरुद्धार और उन्नयन (Beautification & Upgradation) के लिए ₹3,000 करोड़ के कार्यों की घोषणा.

  • मास्टर प्लान के आधार पर शहरों का विकास और आमजन को किफायती आवास व नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का संकल्प.

  • शहरी यातायात को सुगम बनाने के लिए आधुनिक तकनीक और बेहतर सड़क कनेक्टिविटी पर विशेष जोर.

  • जयपुर के लिए 1000 करोड़ रुपये के फंड का ऐलान राजस्थान बजट में वित्त मंत्री दिया कुमार ने बजट 2026 पेश करते हुए जयपुर के लिए 1000 करोड़ रुपये के फंड का ऐलान किया है.

  • जलवायु नीति और ऊर्जा क्षेत्र के लिए ₹2 लाख करोड़ के निवेश का रोडमैप जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए प्रदेश में पहली बार समग्र जलवायु नीति लाने की तैयारी.

  • जल स्रोतों के पुनर्भरण के लिए मोबाइल मॉनिटरिंग और आधुनिक तकनीक आधारित सिस्टम लागू होगा.

  • ऊर्जा क्षेत्र में ₹2 लाख करोड़ का निवेश आकर्षित करने का बड़ा लक्ष्य.

  • सौर संयंत्रों के जरिए 1400 मेगावाट बिजली उत्पादन की व्यवस्था; 550 मेगावाट के प्लांट पहले ही स्थापित.

  • 1 लाख 30 हजार से अधिक घरों पर रूफटॉप सोलर से 518 मेगावाट क्षमता विकसित.

  • प्रदेश में 400 KV के 2, 220 KV के 5 और 132 KV के 45 नए GSS के साथ 379 सब-स्टेशन स्थापित किए गए.

  • अक्षय ऊर्जा में आत्मनिर्भरता के साथ हर घर तक विश्वसनीय बिजली पहुँचाने पर फोकस.

  • दूरदराज के क्षेत्रों में जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रादेशिक जल अनुकूलन रणनीति होगी तैयार.

  • 2000 पदों पर अतिरिक्त संविदा भर्ती का ऐलान

  • राजस्थान बजट 2026 पेश करते हुए वित्त मंत्री दिया कुमार ने कहा, ‘आमजन को पेयजल उपलब्ध कराने तथा पेयजल योजनाओं के समुचित ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस के लिए हमारे द्वारा पिछले बजट में घोषित 1050 तकनीकी अधिकारियों कर्मचारियों के संविदा काडर में वृद्धि करते हुए 3000 पदों पर भर्ती की जाएगी.’ भर्ती अलर्ट सेवा

  • टोंक की जनता के लिए बड़ा ऐलान

  • टोंक जिले के निवाई टोडारायसिंह डूंगरी सहित लगभग 20 लाख आबादी को बीसलपुर किस पेयजल का आपूर्ति स्तर बेहतर करने के लिए सूरजपुर से 650 करोड़ रुपये की लागत से करवाए जाएंगे. 1200 हैंड पंप लगाए जाने प्रस्तावित है.

  • सड़क सुरक्षा के साथ औद्योगिक क्रांति, ERCP और उद्योगों के लिए भी खुला बजट का पिटारा

  • 2027 तक सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को 90% कम करने का टारगेट.

  • ₹100 करोड़ की लागत से प्रदेश में 2000 नए CCTV कैमरे लगेंगे.

  • हाईवे और शहरों में दुर्घटना प्रबंधन के लिए ₹2,090 करोड़ का भारी बजट.

  • दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (Black Spots) को चिन्हित कर उन्हें तुरंत दुरुस्त किया जाएगा.

  • स्टेट हाईवे पर 20,000 किलोमीटर सड़क के काम प्रस्तावित.

  • ₹100 करोड़ से ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक ऑटोमेटेड होंगे; लाइसेंस प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी.

  • ट्रैफिक मैनेजमेंट और मॉनिटरिंग के लिए नया डिजिटल सिस्टम लागू होगा.

  • ERCP के तहत नवनेरा और अन्य बांध के लिए 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा आवंटित किए गए हैं.

  • मुख्यमंत्री जल स्वास्थ्य योजना का दायरा बढ़ाते हुए 6245 गांव को इस योजना में शामिल किया जाएगा.

  • मुख्यमंत्री लघु उद्यमों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से 22 शहरों में औद्योगिक प्रोत्साहन कार्यक्रम लागू किए जाएंगे.

  • इन शहरों में बुनियादी सुविधाओं और अवसंरचना विकास पर 2 हजार 850 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रस्ताव.

  • 83 शहरों में औद्योगिक स्थलों के उन्नयन और विस्तार के कार्य करवाए जाएंगे.

  • अमृत शहर योजना के तहत आगामी वर्ष के लिए नए कनेक्शन जारी किए जाएंगे.

  • बीकानेर, जोधपुर, झालावाड़, शहरों में औद्योगिक अंतराल को कम करने के लिए त्वरित कार्य योजना लागू की जाएगी.

  • औद्योगिक विकास और निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से विशेष पैकेज प्रस्तावित.

  • बीकानेर में एमपी-457 परियोजना के लिए भूमि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव.

  • बजट में वित्त मंत्री दिया कुमारी ने अब तक की ये बड़ी घोषणाएं

  • औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए ₹400 करोड़ का प्रावधान.

  • 11 BOT सड़कों (435 किमी) का कायाकल्प, ₹435 करोड़ होंगे खर्च.

  • बारिश से टूटी सड़कों-पुलियाओं की मरम्मत के लिए ₹500 करोड़ आवंटित.

  • 15 नए ROB/RUB बनेंगे (लागत ₹920 करोड़); 26 नए स्थानों की DPR बनेगी.

  • 1000 किमी सड़कें राजमार्ग और 2000 किमी सड़कें मुख्य जिला मार्ग बनेंगी.

  • स्टेट हाईवे पर 500 किमी के दायरे में नए पुल और बाईपास प्रस्तावित.

  • रेलवे क्रॉसिंग पर जाम मुक्ति और सुरक्षित सफर के लिए बड़ा निवेश.

  • Rajasthan Budget 2026-27 राजस्थान बजट 2026 का ऐतिहासिक आकार, पिछले साल से 41% बड़ा बजट!

  • वित्त मंत्री दिया कुमारी ने सदन में बजट का कुल आकार पेश कर सबको चौंका दिया है. इस बार राजस्थान बजट की कुल राशि 21 लाख 52 हजार 100 करोड़ रुपये है. यह आंकड़ा पिछले वर्ष के बजट के मुकाबले 41.39 फीसदी की भारी-भरकम बढ़ोतरी है.

  • वित्त मंत्री दिया कुमारी ने बताए 10 संकल्प राजस्थान बजट 2026 पेश करते हुए वित्त मंत्री दिया कुमारी ने कहा, ‘विकसित राजस्थान के कार्य योजना के लिए हमारी सरकार ने 10 संकल्प लिए थे. इन संकल्पना को विकास स्तंभों के रूप में स्थापित किया गया है.

  • ‘सामाजिक सुरक्षा और किसानों के हित हमारी प्राथमिकता’

  • राजस्थान विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026–27 का बजट पेश करते हुए उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी ने सामाजिक सुरक्षा और किसानों के हितों को सरकार की प्राथमिकता बताया.

  • दिया कुमारी ने कहा कि अल्प समय में ही राज्य सरकार ने सामाजिक सुरक्षा के तहत 91 लाख से अधिक लाभार्थियों को लगभग 28 हजार 400 करोड़ रुपये की पेंशन वितरित की है. उन्होंने इसे सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताते हुए कहा कि कमजोर वर्गों तक सीधी आर्थिक सहायता पहुंचाना सरकार का प्रमुख लक्ष्य रहा है.

  • वित्त मंत्री ने किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि किसान सम्मान निधि के तहत प्रदेश के किसानों को 10 हजार 900 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है. उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों की आय को सुदृढ़ करना और कृषि क्षेत्र को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है.